Thursday, June 21, 2012


पीएम की कुर्सी..झगड़ा यहां भी, वहां भी


भारत और पाकिस्तान को किस्मत से बंधे पड़ोसी यूं ही नहीं कहा जाता। दोनों मुल्कों में तहजीब भी एक सी है और सियासत भी। यह कैसा संयोग है कि सरहद के दोनों ओर सियासी सुर्खियों का सबसे बड़ा मुद्दा अगला प्रधानमंत्री ही है। पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के यूसुफ रजा गिलानी को प्रधानमंत्री की कुर्सी से बेदखल करने पर बखेड़ा खड़ा है। वहीं भारत में राष्ट्रपति चुनाव के बहाने विपक्ष की बेंच पर बैठे राजग में अगले प्रधानमंत्री को लेकर उठापटक हो रही है। भारत में तो अभी लोकसभा चुनाव की अटकलबाजी में ही सियासी सिर-फुटव्वल शुरू हो गई है।

वैसे भारत और पाकिस्तान में आम चुनावों भी कुछ महीनों के फासले पर ही हैं। पाकिस्तान में नेशनल असेंबली के चुनाव अगले साल 2013 में होना हैं तो भारत में आम चुनाव मई 2014 में तय हैं। हालांकि भारत में सियासी माहौल कुछ ऐसा है मानो 2014 में मुकर्रर चुनाव अपनी तारीख बदल किसी भी दिन धमक सकते हैं। लिहाजा सत्तारूढ़ गठबंधन में खींचतान जारी है तो विपक्षी गठबंधन में भी जोड़-तोड़ जुगाड़ का दौर जारी है।

भारत और पाकिस्तान में सरकारों का हाल भी करीब एक सा है। भ्रष्टाचार के आरोपों से लेकर साख के संकट तक लगभग एक जैसी परेशानियों से वक्त का निजाम जूझ रहा है। हालांकि सूरते हाल की इस समानता ने दोनों मुल्कों के बीच रिश्तों की खाई पाटने की कवायद के लिए जरूर मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। चुनावों में जाने से पहले कामयाबी के कुछ तमगे बटोरने की कवायद में मई 2012 में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भारत आए थे। हालांकि यह अजीब संयोग ही है कि इस दौरे के बाद से दोनों मुल्कों के बीच पहले गृह सचिव स्तर की बातचीत में लचीले वीजा नियमों का समझौता लड़खड़ाया, फिर सियाचिन और सरक्रीक की गाड़ी भी तिल भर न सरक पाई। 

No comments:

Post a Comment